Wednesday, October 21st, 2026

दिशा रवि की गिरफ्तारी: कड़ी निंदा, कहा- भारत बेतुका रंगमंच बन रहा है: चिदंबरम

नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने टूलकिट' मामले में गिरफ्तार हुई 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। पी. चिदंबरम ने दिशा रवि के समर्थन में ट्वीट कर मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने सभी छात्रों और युवाओं से आग्रह किया है कि वो इस सरकार और गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाएं। 

चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा, ''भारत बेतुका रंगमंच बन रहा है और यह दुखद है कि दिल्ली पुलिस उत्पीड़कों का औजार बन गई है। मैं दिशा रवि की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं और सभी छात्रों और युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे निरंकुश शासन के खिलाफ आवाज उठाएं।'' भारत बहुत ही कमजोर बुनियाद पर खड़ा है- पी चिदंबरम चिदंबरम ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ''यदि माउंट कार्मेल कॉलेज की 22 वर्षीया छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि देश के लिए खतरा बन गई है, तो भारत बहुत ही कमजोर बुनियाद पर खड़ा है। चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की तुलना में किसानों के विरोध का समर्थन करने के लिए लाया गया एक टूल किट अधिक खतरनाक है।'' वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा, दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई 21 साल की जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि कौन है? दिशा रवि स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग द्वारा शुरू किए अभियान का समर्थन करने वाले फ्राइडे फॉर फ्यूचर के की स्वयंसेवक है। 

दिल्ली पुलिस ने दिशा को किसानों की मदद करने के लिए शेयर किए दस्तावेज के लिए गिरफ्तार कर लिया। दिशा रवि पर देशद्रोह और आपराधिक साजिश का आरोप है। क्या ये सही है। दिशा रवि की गिरफ्तारी पर क्या बोली दिल्ली पुलिस? दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने दिशा को शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर किए गए टूलकिट दस्तावेज के मामले में दिल्ली पुलिस ने ये कार्रवाई की है। ये टूलकिट दस्तावेज किसान आंदोलन के सपोर्ट में थे। पुलिस ने दावा किया कि दिशा रवि टूलकिट गूगल दस्तावेज का संपादन करने वाली एडिटर थीं और दस्तावेज को बनाने और फैलाने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता भी हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट साझा करने वालों में से दिशा रवि भी एक थीं। पुलिस का आरोप है कि दिशा और अन्य ने भारत के खिलाफ असंतोष फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक पाएटिक जस्टिस फाउंडेशन के साथ मिलकर काम किया है।

 

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Source : Agency

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